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15/05/2024 Kajal sah Awareness Views 316 Comments 0 Analytics Video Hindi DMCA Add Favorite Copy Link
क्या आप आज फिर से काम को कल पर छोड़कर सोने के लिए तैयार हैं?

क्या आप आज फिर से काम को कल पर छोड़कर सोने के लिए तैयार है? अगर आपका उत्तर हाँ है तो यह पोस्ट आपके लिए है। सुख, सुविधा, धन - दौलत कौन नहीं चाहता? सभी अपने जीवन को सुखपूर्वक से जीना चाहते है.. लेकिन इस भावी सुख की प्राप्ति के लिए वे आज मेहनत के बजाये.. आराम को चुनते है.. संघर्ष के स्थान पर हर्षपूर्ण सुख - सुविधा को चुनते है.. इसलिए वे कभी अपने जीवन में वह नहीं हासिल कर पाते है.. जो उन्हें पाने की इच्छा थी। आज का दौर प्रतियोगिता का दौर है। इस दौर में वह व्यक्ति ही आगे बढ़ पाएगे .. जो खुद पर काम करेगे .. खुद को मजबूत बनाएगे .. और अपने जीवन का सबसे बड़ा शत्रु, सबसे बड़ा अंधकार.. आलस्य को अपने जीवन से शीघ्रता से दूर करेंगे। यह सुस्ती, आलस्य आपके सफलता में सबसे बड़ी बाधक है। आलस्य आपके गुण को अवगुण में, आपके परिश्रम को सुस्ती में.. आपके बहुमूल्य समय को व्यर्थ समय में परिवर्तित कर सकता है। इसलिए इस सुस्ती, आलस्य, काम को कल पर टालने की आदत को अपने जीवन से दूर कीजिये... अन्यथा आपको अपने जीवन में असफलता, दुख -दर्द, असुविधा प्राप्त होंगी। स्वामी विवेकानंद जी के कहा था.. "उठो जागो.. तब तक मत उठो जब तक की लक्ष्य की प्राप्ति ना हो। आपको उठना है अपने काल्पनिक स्वप्न से.. आपको जगना है.. अपने सपने के लिए और तब तक नहीं रुकना.. तबतक आराम नहीं करना है.. जब तक लक्ष्य तक आप लक्ष्य की प्राप्ति ना कर ले। अगर आप भी अपनी ज़िन्दगी से सुस्ती, आलास्य, काम को कल पर टालने की आदतों को हमेशा के लिए दूर करना चाहते है, आज के महत्वपूर्ण टिप्स आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। 1. लक्ष्य : कुछ दिन पहले की ही बात है.. मेरी मुलाकत मेरे भईया के मित्र से हुई।वे बहुत परेशान थे.. जब मैंने उनसे परेशानी का कारण पूछा था। तब उन्होंने मुझे बताया कि मैं 2-3 महीने से upsc का तैयारी कर रहा हूँ। लेकिन बहुत बार मेरा ध्यान अन्य स्थानों पर चला जाता है, आलस्य भी बहुत आता है। उनके जवाबों को सुनने के बाद मैंने उनसे पूछा कि आपका upsc करने का उद्देश्य क्या है? उन्होंने जवाब दिया.. ऐसा कोई मुख्य उद्देश्य नहीं है। इस छोटी से कहानी से आप समझ पाएंगे.. होंगे कि बिना उद्देश्य का लक्ष्य व्यर्थ है। बिना लक्ष्य के उद्देश्य से आप आलस्य का, कार्य को जरूर कल पर छोड़ेगे। और वास्तव में वह कल कभी नहीं आता। इसलिए यह अत्यंत जरुरी है कि आप अपने जीवन में लक्ष्य.. सपना जरूर देखे.. लेकिन उस लक्ष्य के लिए आपमें तड़प तब आएगी.. जब आपका लक्ष्य मजबूत उद्देश्य से परिपूर्ण होगा। जब आपका क्लियर विज़न और मिशन होगा। लक्ष्य स्पष्ट होने से आपको प्रेरित रहने में मदद मिलेगी और आप सुस्ती से लड़ने की शक्ति प्राप्त करेंगे। 2. शुरुआत : विभिन्न मोटिवेशन वीडियो, ऑडियो, बुक्स रीडिंग इत्यादि आप करते होंगे? यह सभी सुनने में कितना अच्छा लगता है.. लेकिन जब एक्शन लेने की बात आती है.. तब जो 5 बजे सुबह उठने की बात थी.. वह 9 बजे ही रहता है..फोकस से कार्य करने की बात थी.. वह समय व्यर्थ करने में गुजर जाता है।जो भी व्यक्ति सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँच पाए.. उसका प्रमुख एवं प्रभावशाली कारण था.. वे एक्शन टेकर ना कि केवल उपभोक्ता। उन्होंने छोटी ही लेकिन उन्होंने शुरुआत की। अगर आपका लक्ष्य और अपने लक्ष्य को लेकर आपका उद्देश्य प्रबल है.. तब आपको मेहनत, प्रयत्न से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। हमेशा याद रखे.. आज का समय प्रतियोगिता का। आगे वही बढ़ेंगे.. जो समय को व्यर्थ नहीं.. निरंतर मेहनत और अभ्यास की शक्ति को ताकत मानकर हमेशा आगे बढ़ेंगे। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए स्माल - स्माल स्टेप रोजाना पूर्ण करे.. जिससे आप ऊर्जा और उल्लास से अच्छे तरिके से अपने लक्ष्य पर कार्य भी कर पाएंगे। छोटी - छोटी शुरुआत करे और हर दिन थोड़ा -थोड़ा काम जरूर करे। यह रोजाना लिया गया.. स्टेप.. आपका मेहनत और आपका अभ्यास से आप जरूर अपने लक्ष्य तक पहुँच पाएंगे। इसलिए आपको एक्शन टेकर बनना है ना की केवल कंस्यूमर। 3. टाइम टेबल : कोई व्यक्ति जीरो से हीरो ऐसा नहीं बन जाता है.. ऐसे उनके पास धन - दौलत, सुख - सुविधा, सफलता नहीं आती है। उम्र सभी की प्राप्ति के लिए वे अपने 24 घंटे अर्थात अपने समय का सदुपयोग करते है। समय के महत्व को समझे और आज भी सफलता पाने के बाद भी समय का सम्मान करते है। एक बात अपने जीवन में गाँठ बाँध लीजिये.. अगर आज आपने समय का सम्मान किया.. तब भविष्य में समय आपके मान को बढ़ाएगा... आपको सफलता.. सुख -सुविधा सब प्राप्त होंगी। लेकिन शर्त है कि आप अपने समय का उपयोग सही से करे। आप अपने समय का सदुपयोग सही टाईमटेबल बनाकर कर सकते है।एक ऐसा महत्वपूर्ण, प्रभावशाली टाईमटेबल बनाये.. जिससे आप रोजाना आप अपने महत्वपूर्ण कार्य को अच्छे से कर पाए। टाईमटेबल से आप बेहतर और कारगर तरिके से अपने समय बेहतर ढंग से मैनेज कर पाते है। टाईमटेबल में वह सशक्त शक्ति है.. जिससे आपके जीवन में सुस्ती का स्थान नहीं रहता है। आप ऊर्जापूर्ण तरिके से अपने कार्य को कर पाते है। इसलिए आज से ही एक मजबूत टाइम टेबल बनाये.. अपने महत्वपूर्ण अर्थात जो कार्य प्राथमिक है.. उसे मॉर्निग में करे.. जिससे आप अत्यधिक उम्दा और प्रभावशाली रूप से कर सकते है। 4. स्वस्थ : स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन निवास करता है। इसलिए अपने स्वस्थ पर ध्यान दे। अत्यधिक जंक फ़ूड, unhealthy फ़ूड्स का सेवन करने से अत्यधिक नींद, आलस्य आने लगता है। जिससे आप अपने महत्वपूर्ण कार्य को कल पर टालने लगते है.. अफ़सोस वह कल आपके कैलेंडर में कभी नहीं आता है। इसलिए स्वस्थ भोजन करे, व्यायाम करे, मैडिटेशन करे.. जिससे आप आपका तन और मन स्वस्थ रहेगा.. जिससे आप ऊर्जा से अपने हर महत्वपूर्ण कार्य को कर पाएंगे। इसलिए अत्यंत जरुरी है कि हेअल्थी हैबिट्स को अपने जीवन में आत्मसात करे। स्वस्थ रहने से आप अपने समय का, अपने ऊर्जा का प्रभावशाली रूप से उपयोग कर पाते है। अपने जीवन के बुरी आदतें, अस्वस्थ्य भोजन एवं कार्य को शीघ्रता से दूर करने का प्रयास करे। अच्छी आदतों, स्वस्थ्य भोजन को अपने जीवन का हिस्सा बनाये। # नहीं :कई अनावश्यक कार्य को हाँ करके अत्यधिक आज के यंग जनरेशन अपना समय और अपना ऊर्जा व्यर्थ कर देते है। ऐसा कार्य को जो जरुरी नहीं है.. उसे ना कहने की आदत डाले। जैसे कि आपके दोस्त में आपको बर्थडे में आने का invition दिया है.. अगर आप बर्थडे में जायेंगे.. तो आपका 3-4 घंटे जरूर व्यर्थ होंगे.. और घर आकर आलस्य महसूस होगा.. आपको और ऐसे करते -करते 5-7 घंटे व्यर्थ हो जाता है। इसलिए नहीं कहने की आदत डाले.. जब आप आनंद ले रहें होंगे.. तब कोई आपसे ज्यादा मेहनत और अभ्यास कर रहा /रही होंगी। आप जरूर आनंद ले सकते है.. लेकिन अभी अत्यधिक नहीं। अभी आपका ऊर्जा और समय अपने लक्ष्य की ओर होना चाहिए। आज से अपने जीवन में नियम बनाये.. जो महत्वपूर्ण कार्य नहीं है.. उसे ना बोले। अपना समय और ऊर्जा उन कामों में लगाए.. जो आपके लिए जरुरी है। 6. वातावरण : वातावरण का प्रभाव हमारे जीवन पर अत्यधिक रूप से पड़ता है। जब वातावरण शांत, सुरक्षित एवं सुंदर हो तो ध्यान आपका अपने में लगता है। आलस्य का महत्वपूर्ण कारणों में एक महत्वपूर्ण कारण है.. अनुचित वातावरण। यह मेरा खुद का भी अनुभव है. अनुचित वातावरण के अभाव में मैं अत्यधिक आलस करती थी। लेकिन जब मैंने अपने पढ़ने का स्थान बदला अर्थात वातावरण को बदलने के बाद मेरा आलस्य बहुत दूर हुआ और मैं अपना पूरा ध्यान अपने लक्ष्य की ओर मैंने यूटिलाईज़ करना मैंने आरम्भ कर दिया। महत्वपूर्ण कार्य करते समय ऐसा स्थान को चुने है.. जहाँ आपको सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और उमंग मिले। जिसके माध्यम से इफेक्टिव रूप से पढ़ पाएंगे। 7. प्रेरणा : मान लीजिये आप अगले साल कक्षा 12 का एग्जाम देने वाले है। अब आपने ठान लिया है कि अगले साल आप भी टॉप करेंगे। लेकिन यह केवल सोचने से नहीं होगा.. आपको एक्शन लेना होगा। जो पहले एग्जाम दे चुके है.. जिन्होंने अचीवमेंट हासिल कि है और पुराने 12th क्लास के स्टूडेंट्स से उनसे एग्जाम टिप्स पूछे, टॉपिक को पढ़ने का मजेदार तरीका पूछे। उनकी सफलता, उनकी मेहनत आपको सुस्ती से लड़ने में मदद करेंगी। इसलिए अपने बड़ो से, अपने टीचर्स से और अपने एल्डर्स से प्रेरणा लेते रहे। 8. रिवॉर्ड : अगर आप अपने अचीवमेंट के लिए खुद को प्रोत्साहित नहीं करते है.. एन्जॉय नहीं करते। तब यह एक बुरी आदत है। क्युकी जब हम सफलता का सुख स्वयं के साथ शेयर करते है.. तब हमारा आंतरिक मन और हमें कहता है.. उस कार्य को करने के लिए। इसलिए अब से यह आपको नियम बना लेना है। जब आप कोई काम पूरा करते है.. तो खुद को कुछ रिवॉर्ड करे। इससे आपको अपने कार्य अत्यधिक ऊर्जा, उत्साह और उमंग से कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। 9. विश्वास :मैंने बहुत से लोगों से सुना है कि करना तो बहुत कुछ है लेकिन मन नहीं करता। यह मन इसलिए नहीं करता है.. क्युकी आपको स्वयं पर विश्वास नहीं है।स्वयं पर विश्वास कीजिये... आप आलस्य को हरा सकते है और स्वयं पर विजय हासिल कर सकते है। यह कुछ महत्वपूर्ण टिप्स है। आशा करती हूँ.. आपके लिए उपयोगी होगा। धन्यवाद काजल साह

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